भारत-जापान-इंडोनेशिया नौसैनिक युद्धाभ्यास, समुद्री सुरक्षा पर फोकस
नई दिल्ली| 13 फरवरी 2026 को भारत, जापान और इंडोनेशिया की नौसेनाओं ने अंडमान सागर में एक त्रिपक्षीय युद्धाभ्यास किया। इस अभ्यास का मकसद तीनों देशों की नौसेनाओं की संयुक्त तैयारी, संचालन क्षमता और सहयोग बढ़ाना था। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास से सुरक्षित, स्थिर और मजबूत समुद्री क्षेत्र बनाए रखने में मदद मिलेगी।बता दें कि इससे पहले 11 फरवरी को भारतीय नौसेना ने कम्बाइन्ड टास्क फोर्स 154 (सीटीएफ 154) की कमान संभाली। यह एक बहु-राष्ट्रीय प्रशिक्षण टास्क फोर्स है, जो कम्बाइन्ड मेरिटाइम फोर्सेज (सीएमएफ) के तहत काम करता है। कमांड परिवर्तन समारोह बहरीन के मनाामा में हुआ, जिसमें सीएमएफ के कमांडर वीएडीएम कर्ट ए रेनशॉ और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
भारतीय नौसेना ने सीटीएफ-154 की कमान संभाली
भारतीय नौसेना के कमोडोर मिलिंद मोकाशी, शौर्य चक्र ने सीटीएफ 154 की कमान इटली की नौसेना के पूर्व कमांडर से औपचारिक रूप से संभाली। सीटीएफ 154 का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण है। यह टास्क फोर्स अवैध तस्करी, समुद्री डकैती और असामान्य प्रवासन जैसी आम समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।
सीएमएफ की अन्य टास्क फोर्स के साथ करता है काम
गौरतलब है कि सीटीएफ 154, सीएमएफ की अन्य टास्क फोर्सेज जैसे सीटीएफ 150 (समुद्री सुरक्षा), सीटीएफ 151 (पाइरेसी रोध), सीटीएफ 152 (अरब सागर में सुरक्षा) और सीटीएफ 153 (लाल सागर में सुरक्षा) के साथ मिलकर कार्य करता है। इस फोर्स के संचालन से भारत की पेशेवर क्षमता, अनुभव और सुरक्षा सहयोग में भरोसा और मजबूत हुआ है।

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